Aug 7, 2007

फ्लैट किरायानामा / किराया अनुबंध पत्र

यह अनुबंध फ्लैट मालिक .............................. आ. .................................... निवासी ..................................
आगे प्रथम पक्ष कहलायेगा तथा kiraayedaर ............... आ ........................................ निवासी .............................................................. जो आगे द्वितीय पक्ष कहलायेगा, के मध्य आज दिनांक ......... को निम्नानुसार लिखी गई :-

१. यह कि फ्लैट क्र. ..........शांतिनिकेतन, मालवीयनगर के तृतीय तल में स्थित है.

२. यह कि उक्त फ्लैट क्र. .......... को किरायेदार द्वितीय पक्ष नें निवास हेतु किराये पर लिया है जिसका किराया रु. .........../- अक्षरी .............. रु. मात्र माहवार होगा तथा किरायेदारी अंग्रेजी माह की पहली तारीख से शुरु होकर उसी माह की अंतिम तारीख को खत्म होगी.

३. यह कि द्वितीय पक्ष, प्रथम पक्ष को अग्रिम रुप से हर माह की पांच तारीख तक अनिवार्य रुप से चेक के द्वारा किराया पटा देगा. इस हेतु से द्वितीय पक्ष, प्रथम पक्ष को प्रत्येक माह के किराये की राशि के रुप में चेक क्र. ............................. से .............................. तक, बैंक ....................................., का चेक अग्रिम रुप से प्रदान कर रहा है . यदि किरायेदार द्वितीय पक्ष के द्वारा लगातार दो माह तक किराया का भुगतान नहीं किया जाता है तो प्रथम पक्ष फ्लैट मालिक को यह अधिकार होगा कि वह उक्त फ्लैट क्र. .......... को अपने कब्जे में ले लेगा ऐसी स्थिति में उस फ्लैट में रखे गये सामानों की किसी भी प्रकार की जिम्मेदारी प्रथम पक्ष की नहीं होगी इसमें द्वितीय पक्ष को कोई आपत्ति नहीं होगी और न ही वह कोई उजर या दावा कर सकेगा.

४. यह कि द्वितीय पक्ष उक्त फ्लैट क्र. ..........को निवास हेतु उपयोग में लायेगा तथा फ्लैट को बिना प्रथम पक्ष के लिखित रजामंदी के कोई तब्दीली नही करेगा, तब्दीली या तोड़फोड़ होने पर निष्कासन व नुकसानी का देनदार होगा .


५. यह कि द्वितीय पक्ष उक्त फ्लैट क्र. .......... को किसी अन्य को सबलेट नही कर सकेगा और न ही कोई भागीदारी या किसी अन्य प्रयोजन हेतु रखेगा और न ही वहां कोई ऐसा कार्य व्यवसाय करेगा जिससे कि प्रथम पक्ष को आपत्ति हो.

६. यह कि द्वितीय पक्ष उक्त फ्लैट क्र. ..........में लगे विद्युत कनेक्सन व फिक्चर एवं अन्य सामान जो प्रथम पक्ष के द्वारा उपलब्ध कराये गये हैं, में फेरबदल या तब्दीली नहीं कर सकेगा ऐसा करने के लिये उसे प्रथम पक्ष से अनुमति प्राप्त करना होगा.

७. यह कि उक्त फ्लैट क्र. ..........में लगे विद्युत मीटर का किरायेदारी अवधि का जो भी बिल आवेगा उसका भुगतान नियमित रुप से नियत समय में विद्युत मंडल को करना होगा . बिल का भुगतान नही करने पर जमा सुरक्षा राशि से उक्त बिल का भुगतान कर फ्लैट का कब्जा वापस ले लिया जावेगा.

८. यह किराये का अनुबंध ग्यारह माह के लिए प्रभावशील रहेगा जो कि .......................... से प्रारंभ होकर ................................. को समाप्त होगा, उपरोक्त ग्यारह माह पूर्ण होने के पूर्व द्वितीय पक्ष के अनुरोध पर यदि प्रथम पक्ष उक्त दुकान को पुन: द्वितीय पक्ष को किराये में देने हेतु राजी होगा तब द्वितीय पक्ष अगले ग्यारह माह के लिये नया अनुबंध करा कर किराये में ले सकता है .

९. यह कि प्रथम पक्ष जब भी उक्त फ्लैट क्र. ..........को खाली कराना चाहेगा तो एक माह की पूर्व नोटिस देकर उक्त फ्लैट को अपने आधिपत्य में ले सकता है ऐसी स्थिति में द्वितीय पक्ष उस समय तक देय किराया, विद्युत शुल्क व अन्य शुल्क प्रथम पक्ष को पटा देगा व उक्त फ्लैट का कब्जा प्रथम पक्ष को दे देगा. ऐसे ही जब भी द्वितीय पक्ष उक्त फ्लैट को खाली करना चाहेगा तब एक माह पूर्व नोटिस देकर समस्त देनदारियों को प्रदान कर फ्लैट खाली कर सकता है.

१०. यह कि द्वितीय पक्ष, प्रथम पक्ष एवं शांतिनिकेतन,परिसर प्रबंधन से हुये साफ सफाई एवं सुरक्षा, सुन्दरता संबंधी अनुबंध के नियम एवं शर्तों का पालन करेगा एवं समय-समय पर परिसर प्रबंधन द्वारा जारी किये गये निर्देशों का भी पालन करना पड़ेगा एवं इस हेतु निर्धारित किया गया मैंटिनेंस चार्ज की राशि का भुगतान परिसर प्रबंधन को प्रति माह करना होगा.

११. यह कि द्वितीय पक्ष किरायेदार नें प्रथम पक्ष को सुरक्षा राशि के रुप में रु. .............../- अक्षरी रुपये ..................... मात्र चेक क्र. ..................., बैंक ......................., दिनांक ........ के द्वारा भुगतान कर दिया है जिसे प्रथम पक्ष स्वीकार करता है जिस पर किसी भी प्रकार का ब्याज देय नहीं होगा, इस राशि को किरायेदारी की समाप्ती के बाद उक्त फ्लैट क्र. .......... के संबंध में किसी भी प्रकार की देनदारी को काटकर बचत राशि का भुगतान कर दिया जावेगा.

यह किराया अनुबंध दोनों पक्षों नें सोंच समझ कर तथा पूरे होशो हवाश में निम्नलिखित गवाहों के समक्ष लिख दिया ताकि वक्त पर काम आवे.

गवाह :-
प्रथम पक्ष


द्वितीय पक्ष

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