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Apr 11, 2010

छात्रा से छेड़खानी दुकानदार को सजा

धौड़ाई आश्रम, नारायणपुर, जगदलपुर में आधी रात घुस छात्रा के साथ अश्लील हरकत करने का दोषी पाए गए नारायणपुर के किराना दुकानदार मो. रफीक (५०) को सश्रम कारावास और जुर्माने की सजा सत्र न्यायाधीश एके सामंतरे ने दी। विशेष लोक अभियोजक एचके आचार्य ने अदालत को बताया कि प्रार्थी छात्रा आदिवासी है और छोटे डोंगर थाना क्षेत्र के धौड़ाई आश्रम में रहकर पढ़ती थी। वहां आश्रम अधीक्षिका श्रीमती पुपले नुरेटी का आवास था। १३ अक्टूबर ०६ की रात करीब बारह बजे खटखटाने की आवाज आने पर दरवाजे को अधीक्षिका ने खोला। वहां धौड़ाई का सुनील विश्वास था। गेट खोलने कहने पर अधीक्षिका ने गेट खोला तो तीन-चार लोग लुंगी बनियान पहने अंदर आ गए। वे अधीक्षिका के कमरे में सोए कोंगेरा प्राथमिक शाला के धनेश्वर बघेल को नक्सली कह मारने लगे। इस बीच आरोपी रफीक प्रार्थिया छात्रा को पलंग से उठाकर किचन में ले गया और उसकी सहपाठी की मौजूदगी में अश्लील हरकत की।

डीएसपी बताया खुद को : लुंगी-बनियान में इनके साथ आया एक व्यक्ति ठेकेदार सुरेंद्र फरार अभियुक्त है। वह अपने आप को सीआईडी इंस्पेक्टर बता रहा था और मोबाइल से फोटो ले रहा था। एक व्यक्ति खुद को डीएसपी बता रहा था। वह कह रहा था कि आश्रम में नक्सलियों को बुलाते हो। नक्सली ढूंढने की बात कह ये लोग आश्रम में घुसे थे।

सत्र न्यायाधीश एके सामंतरे ने भादवि की धारा ४४८ के तहत मो रफीक को छह माह के कठोर कारावास व दो सौ रुपए का अर्थदण्ड, धारा ३५४ के तहत एक साल के कठोर कारावास व पांच सौ रुपए का अर्थदण्ड, अनुसूचित जाति जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम की धारा ३ (१)(११) के तहत एक साल के कठोर कारावास व पांच सौ रुपए के अर्थदण्ड की सजा दी। अर्थदण्ड नहीं पटाए जाने की दशा में रफीक को क्रमशः पंद्रह दिन व एक-एक माह का कठोर कारावास अलग से भुगतना होगा। सभी सजाएं साथ-साथ चलेंगी।

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