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May 12, 2010

विधि सचिव को हाईकोर्ट का नोटिस

रजिस्टर से नोटरी का नाम विलोपित करने का मामला

रजिस्टर से नोटरी का नाम विलोपित करने के खिलाफ लगाई गई याचिका पर सुनवाई करते हुए बिलासपुर हाईकोर्ट ने विधि विभाग के सचिव समेत अन्य अनावेदकों को नोटिस जारी किया है।

पंडरिया निवासी हिलकर सिंह चंदेल १९६८ में विधि स्नातक की परीक्षा पास करने के बाद बिलासपुर में रहकर वकालत कर रहे थे। १९७५ के बाद वे पंडरिया चले गए। १९९८ में राज्य शासन ने उन्हें नोटरी नियुक्त किया। वर्ष २००३ में नोटरी का नवीनीकरण किया गया। वर्ष २००८ में याचिकाकर्ता ने नवीनीकरण के लिए आवेदन लगाया। इस पर विधि विभाग के अतिरिक्त सचिव ने उनसे स्पष्टीकरण मांगा। जवाब भेजन के बावजूद वर्ष २००९ में पुनः स्पष्टीकरण मांगा गया। जवाब देने के बाद विधि विभाग ने नवीनीकरण नहीं कराए जाने पर नोटरी रजिस्टर से उनका नाम हटाने की जानकारी दी। शासन के उक्त आदेश के खिलाफ उन्होंने हाईकोर्ट में अधिवक्ता अशोक वर्मा के माध्यम से याचिका दायर कर दी। इसमें कहा गया कि नवीनीकरण करते समय शासन की ओर से नोटरी संशोधन अधिनियम का पालन नहीं किया गया। आदेश जारी करते समय पक्ष रखने का उन्हें मौका नहीं दिया गया। जस्टिस सुनील सिन्हा की एकलपीठ में याचिका पर सुनवाई हुई। प्रकरण में उन्होंने अनावेदक राज्य शासन विधि विभाग, भारत संघ विधि मंत्रालय एवं जिला एवं सत्र न्यायालय कबीरधाम को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।

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