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May 13, 2010

टीआई के नक्सली क्षेत्र में तबादले पर रोक

बिलासपुर हाईकोर्ट के वेकेशन जज ने छत्‍तीसगढ़ के लोरमी थाने के तत्कालीन टीआई के दंतेवाड़ा स्थानांतरण पर रोक लगा दी है। प्रकरण को अलगी सुनवाई ग्रीष्मकालीन अवकाश के बाद १४ जून को होगी।

पुलिस मुख्यालय ने जिले के लोरमी थाने में पदस्थ टीआई बोनिफास एक्का का नवंबर २००९ में नक्सली प्रभावित क्षेत्र दंतेवाड़ा स्थानांतरण कर दिया। इसके बाद उन्होंने मुख्यालय में अभ्यावेदन देकर स्थानांतरण रद्द करने की मांग की। आवेदन पर बिना विचार किए मार्च २०१० में उन्हें एकतरफा कार्यमुक्त कर दिया गया। विभाग में सुनवाई नहीं होने पर उन्होंने हाईकोर्ट में याचिका दायर की। इसमें कहा गया कि वे लंबे समय तक नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में काम कर चुके हैं। १९९६ से ९९ तक नक्सल प्रभावित बस्तर में उनकी पोस्टिंग थी। इसके अलावा उन्होंने सरगुजा, कोरिया में भी सेवाएं दी हैं। उन्होंने याचिका में १७ माह पूर्व ही बिलासपुर में पदस्थापना होने की बात कही है। मामले की सुनवाई बुधवार को वेकेशन जज प्रीतिंकर दिवाकर के अवकाशकालीन कोर्ट में हुई। उन्होंने उनके स्थानांतरण पर आगामी आदेश तक के लिए रोक लगा दी है।

May 11, 2010

आपराधिक प्रकरण को किया समाप्त

प्रताड़ना के मामले में चल रहे आपराधिक प्रकरण को हाईकोर्ट ने समाप्त करने का आदेश दिया है। दुर्ग निवासी श्रीमती जसप्रीत कौर ने महिला थाना दुर्ग में अपने पति भूपेंदर सिंह, सास श्रीमती हरिन्दर कौर, ननद राजिन्दर कौर एवं इंद्रजीत सिंह ढाबरा के खिलाफ प्रताड़ित करने की शिकायत की थी। इस पर महिला थाना ने धारा ४९८, ३४ के तहत आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया। प्रकरण प्रथम श्रेणी न्यायिक दंडाधिकारी के यहां लंबित था। इसी बीच सामाजिक पंचायत में दोनों ने विवाह-विच्छेद करने की घोषणा की। परिवार न्यायालय दुर्ग ने भी विवाह विच्छेद की घोषणा को स्वीकार करते हुए भरण-पोषण याचिका को भी निराकृत कर दिया। परिवार न्यायालय से निर्णय होने के बाद उभय पक्षों ने न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी के पास परिस्थिति अनुसार राजीनामा करने की आज्ञा प्राप्त करने के लिए आवेदन दिया। न्यायालय ने प्रकरण को राजीनामा के योग्य नहीं बताते हुए अभियुक्तों के विरुद्ध साक्ष्य के लिए गवाही पेश करने तिथि तय की। आदेश के खिलाफ अभियुक्तगणों ने अधिवक्ता अशोक वर्मा एवं गजेंद्र साहू के माध्यम से बिलासपुर हाईकोर्ट में आवेदन दिया। हाईकोर्ट ने शासन एवं श्रीमती जसप्रीत कौर को नोटिस जारी किया गया। इस मामले की सुनवाई जस्टिस पी दिवाकर की सिंगल बेंच में हुई। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट द्वारा दी गई व्यवस्था के तहत न्यायालय में लंबित प्रकरण को समाप्त करने का आदेश दिया।

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