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May 12, 2010

छत्‍तीसगढ़ पंचायत एक्ट में होगा संशोधन : रामाविचार नेताम

पंचों की शक्तियों पर लगेगा विराम

पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री रामाविचार नेताम का कहना है कि पंचायत राज अधिनियम में संशोधन करने पर विचार चल रहा है। एक्ट में संशोधन कर अविश्वास प्रस्ताव के जरिए सरपंचों को हटाने की प्रक्रिया को और पेचीदा बनाया जाएगा। पंचों की शक्तियों को कम करने की कोशिश की जाएगी।

राज्य शासन पंचायत राज अधिनियम में उल्लेखित सरपंचों को अविश्वास प्रस्ताव के जरिए हटाने के नियमों में जरूरी संशोधन करने जा रहा है। अभी तक होते यह आया है कि निर्धारित अवधि के बाद दबाव की राजनीति खेलते हुए पंच एकजुट होकर अविश्वास प्रस्ताव के जरिए सरपंच को कुर्सी से हटा देते हैं। अधिनियम में पंचों के लिए तय की शक्तियों व हदों की सीमा निर्धारित की जाएगी।

Apr 7, 2010

संचालक से मांगा जवाब

निचली अदालत द्वारा जुर्म दर्ज करने जारी किए गए आदेश को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई करते हुए बिलासपुर हाईकोर्ट ने संचालक पंचायत के अलावा दो आला अफसरों को नोटिस जारी किया है। पीआरटी कंस्ट्रक्शन दुर्ग के संचालक जीएस सोलंकी ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर कहा है कि उनके खिलाफ पाटन के एक पटवारी ने एसडीएम पाटन से अवैध प्लाटिंग के संबंध में शिकायत की थी। इसे गंभीरता से लेते हुए एसडीएम ने याचिकाकर्ता बिल्डर को नोटिस जारी किया था। 

इसका जवाब देने के बाद भी एसडीएम ने भू-राजस्व संहिता की धारा १९७२ का उल्लंघन करने का दोषी पाए जाने का आरोप मढ़ते हुए कुम्हारी थाना प्रभारी को बिल्डर के खिलाफ जुर्म दर्ज करने का आदेश जारी किया था। बिल्डर ने एसडीएम के आदेश को एडिशनल कलेक्टर की अदालत में चुनौती दी थी। अतिरिक्त कलेक्टर ने एसडीएम के आदेश को यथावत रखते हुए अपील खारिज कर दी। संचालक पंचायत एवं समाजसेवा ने भी बिल्डर की अपील खारिज कर दी। निचली अदालतों द्वारा पारित आदेश को हाईकोर्ट में चुनौती दी गई है। याचिकाकर्ता ने डायवर्सन के नियमों का पालन करने की जानकारी देते हुए बताया है कि रजिस्ट्रेशन ऑफ कॉलोनाइजर एक्ट १९९९ के तहत कोई बिल्डर ५ हजार वर्गफीट से ज्यादा जमीन की खरीद-बिक्री करता है या फिर विकास करता है, तभी बिल्डर माना जाएगा। 

याचिकाकर्ता ने छग पंचायत राज अधिनियम की धारा ६१(अ) का हवाला देते हुए कहा कि निगम सीमा से १६ किमी के भीतर में ही कॉलोनाइजर एक्ट प्रभावशील रहता है। उनके द्वारा जिस जगह पर विकास किया जा रहा है, वह इस सीमा से बाहर है। सोमवार को इस मामले की सुनवाई जस्टिस मनींद्र श्रीवास्तव की सिंगल बेंच में हुई। जस्टिस श्री श्रीवास्तव ने प्रमुख सचिव पंचायत एवं ग्रामीण विकास, सचिव नगरीय प्रशासन व संचालक पंचायत को नोटिस जारी कर जवाब पेश करने के निर्देश दिए हैं।

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